पिछले कई दिनों से मुस्लिम देशों में जो सनातन की क्रांति आई है उसके बाद जो जो खबरें सामने आई वह अपने आप में अध उती है और उन खबरों के बाद जिस बरनोल की आवश्यकता भारत और पाकिस्तानी मुस्लिमों को पड़ रही है वह बरनोल कहीं मिल ही नहीं रहा है बेचारे धधक रहे हैं सोशल मीडिया साइट्स पर हिंदुओं के खिलाफ जहर उगल रहे हैं और तो और मुस्लिम देशों को गरिया रहे हैं लानत भेज रहे हैं कह रहे हैं कि ये तो गलत बात है कोई कह रहा है कि संयुक्त अरब अमीरात में मंदिर बन गया है अब कयामत आएगी उसके बाद पता चला बेहरेन भी अपने आ मंदिर बनाने वाला है और यह सब झटके कम थे कि एक और खबर आ गई जी हां दोस्तों एक और खबर आई है वो भी मुस्लिम देश कुवैत से जो अपने आप में काफी ज्यादा महत्त्वपूर्ण है

इसके अलावा एक और रिपोर्ट सामने आई है जो कि समूचे अरब देशों से जुड़ी हुई है तो आखिर क्यों मुस्लिम देशों में मंगाया जा रहा है भारत से गायों का गोबर और तो और क्यों अरब जैसे देशों में एक हिंदू धार्मिक ग्रंथ की डिमांड काफी ज्यादा हो रही है करोड़ों में प्रतियां बिक रही हैं ट्रेन ड कर रहा है हिंदू धर्म ग्रंथ तो ये भी जानेंगे कि आखिर वह पुस्तक कौन सी है यह वीडियो अगर आपको पसंद आए तो आप हमारी सहायता भी कर सकते हैं हमारी यूपीआई आईडी आपको दिख रही होगी सारी खबरों पर विस्तृत चर्चा करेंगे स्वागत है आपका द पोस्ट  पर और मैं हूं आपके साथ आपका दोस्त धीरेंद्र तो चलिए सबसे पहली खबर पर बात करते हैं और फिर बात करेंगे कि अरब लोगों का हिंदू पुस्तकों के प्रति रुझान क्यों बढ़ा है आखिर क्या हुआ है सब जानेंगे तो चलिए बात करते हैं कुवैत की दोस्तों क्या आपको पता है कि कुछ समय पहले कुवैत ने भारत को 192 मेट्रिक टन गाय के गोबर का ऑर्डर दिया था जो अब पूरा भी हो चुका है ये वही कुवैत है जहां तेल और गैस के भंडार हैं और तो और संयुक्त अरब अमीरात सऊदी अरब जैसे देशों से भी भारत में कोबर के लिए ऑर्डर आ रहे हैं अब सवाल यहां पे उठता है कि आखिर ये अरब और कुवैत जैसे देश भारत से गाय का गोबर क्यों मंगा रहे हैं दरअसल इन मुस्लिम देशों में खजूर सबसे ज्यादा पाया जाता है और खजूर की डिमांड भी इन देशों में है तो एक कृषि वैज्ञानिकों की रिसर्च से यह पता चला है कि स्पेशली जो गाय का गोबर होता है उसको अगर पाउडर के रूप में प्रयोग किया जाए तो फसल बढ़ती है इसके बाद इन अरब देशों में अलग-अलग हिस्सों में इस पर ट्रायल किया गया जहां गाय के गोबर को खजूर के पेड़ों में डाला गया और आश्चर्यजनक रूप से उसमें वृद्धि देखने को मिली गाय के गोबर का इस्तेमाल करने से फल के आकार और उत्पादन की मात्रा में अच्छी खासी बढ़ोतरी हुई

और इसी के बाद से कुवैत और अरब देशों में गाय के गोबर की डिमांड बढ़ गई आपको बता दें कि भारत में लगभग 30 करोड़ पशु हैं जिनसे हर रोज लगभग 30 लाख टन गोबर का उत्पादन होता है और भारत में गोबर का इस्तेमाल भी खूब किया जाता है ईंधन के रूप में खाना बनाने के लिए और तो और चीन और ब्रिटेन जैसे कई देशों में गोबर के जरिए बिजली और गोबर गैस का उत्पादन भी किया जाता है और तो और खाद के रूप में भी गोबर का इस्तेमाल खूब किया जाता रहा है भारत में भी और अन्य देशों में लेकिन खाड़ी देशों में जो गोबर की डिमांड बढ़ी है वह अपने आप में आश्चर्यजनक है इसके बाद आप इस गोबर की कीमत जब सुनेंगे तो और भी हैरान रह जाएंगे क्या आपको पता है कि एक किलो गोबर 30 से 50 किलो में बेचा जा रहा है जी हां दोस्तों एबीपी न्यूज़ की माने तो यह लगभग 30 से 50 किलो में बेचा जा रहा है और आने वाले समय में इसकी मांग और बढ़ेगी वाकई में काफी ज्यादा हैरान करने वाला है दोस्तों अब दूसरी खबर पर बात करते हैं जो कि है खाड़ी देशों यानी मुस्लिम देशों में जो कि विशेष तौर पर अरब देश हैं वहां पर भगवत गीता के डिमांड काफी तेजी के साथ बढ़ी है दोस्तों एक रिपोर्ट आई है एक सर्वे किया गया इंटरनेट पर अरेबिक वर्ल्ड रिसर्च सेंटर के द्वारा जिसमें बताया गया है

कि विशेष तौर पर सऊदी अरब जैसे देशों में भगवत गीता की प्रतियां काफी तेजी के साथ पिक रही हैं इसकी डिमांड काफी ज्यादा बढ़ गई है और तो और अरब में जो भगवत गीता का अरेबिक संस्करण है यानी जो भगवत गीता अरबी भाषा में उसकी 15 करोड़ प्रतियां बेची जा चुकी हैं इसमें समूचा अरब शामिल है चाहे वह यूएई हो सऊदी अरब हो या फिर ईरान इराक जैसे देश ही क्यों ना हो यानी यहां पर 15 करोड़ भगवत गीता की प्रतियां बांटी गई है जो कि अरबी भाषा में है अब इसको आप यहां से जरूर समझ सकते हैं कि इनको पढ़ने वाला कोई हिंदी भाषी तो होगा नहीं वही पढ़ेगा जिसको अरबी भाषा आती हो दरअसल इसके पीछे का कारण यह भी है कि अब अरब में लोग इस्लामिक कट्टरता को छोड़ रहे हैं यूएई में बना मंदिर इस बात का उदाहरण है और तो और कहने वाले यहां तक कह रहे हैं कि एमबीएस यानी सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान इस्लाम छोड़कर किसी अन्य धर्म की शरण में जाने वाले हैं

देखिए यह कह देना कि एमबीएस हिंदू धर्म ग्रहण करने वाले हैं तो यह शायद कपोल कल्पित और मजाक करने वाली बात होगी लेकिन एक बात जिसको स्पष्ट तह कहा जा सकता है वह यह है कि अब सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस यह समझ चुके हैं कि अगर देश को आगे बढ़ाना है तो यूएई की तरह इस्लामिक कट्टरता का त्याग करना होगा यही कारण है कि लगातार व ऐसे-ऐसे नियम ऐसे-ऐसे कानून अरब में बना रहे हैं जो कट्टरपंथियों को जो रूढ़ीवादी सोच के हैं उनको समझ नहीं आ रहे हैं जैसे कि तमाम पुराने रूढ़िवादी कानूनों को समाप्त करना हो कठोर सजा में परिवर्तन करना हो और तो और एक नया काबा बना देना हो जहां पर सभी धर्म के लोग आ सकें और उसको देख सकें इसके अलावा सऊदी अरब में जिन तीन देवियों की पूजा को सैकड़ों साल पहले रोक दिया गया था उनकी पूजा फिर से शुरू करवाने की बात करना हो ये सारी चीजें हैं जो बता रही हैं कि आखिर अरब में भगवत गीता की प्रतियां इतनी ज्यादा क्यों बिक रही हैं बताया भी जा रहा है कि हजारों और लाखों की संख्या में लोग एक्स मुस्लिम बन चुके हैं ये वो लोग हैं जो इस्लाम को छोड़ चुके हैं लेकिन किसी धर्म को नहीं मानते कारण उनका यह है कि वह धर्म को मान भी नहीं सकते वरना उन पर इस निंदा का कानून लगा कर के हूरों के लिए टिकट काट दिया जाएगा यही कारण कि लोग चुपचाप अन्य धर्म की शिक्षा ले रहे हैं और कट्टरता छोड़ रहे हैं और तो और अरब जैसे देशों में मक्का शहर में योग किया जा रहा है प्रतियोगिताएं हो रही हैं यह सब देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इस बात में सत्यता है या नहीं है बाकी तो आपकी मर्जी हमारा काम पसंद आए तो कमेंट में जरूर बताएं मिलते हैं आपसे अगले पोस्ट में तब तक के लिए जय हिंद जय भारत वंदे मातरम  

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